
कविता कोसी का प्रथम खंड 2007 में प्रकाशित हुआ। इसके संपादकीय में श्री देवेन्द्र कुमार देवेश ने कोसी अंचल का परिसीमन करते हुए कोसी नदी के भौगोलिक, पौराणिक, ऐतिहासिक संदर्भ प्रस्तुत करते हुए सिद्ध सरहपा को कोसी अंचल का प्रथम कवि स्थापित किया। इस खंड में सरहपा सहित विनयश्री, सोनकवि, हेमकवि, कृष्णकवि, कृष्णाकवि और ऋतुराज कवि--कुल सात पूर्वकालीन कवियों की कविताऍं और उनके परिचय प्रस्तुत किए गए हैं।
इस खंड में हिन्दी के सात समकालीन कवियों की कविताऍं शामिल की गई हैं, जिन पर डॉ. कामेश्वर पंकज का समीक्षात्मक आलेख भी प्रकाशित है। कवियों के नाम हैं--श्री रिपुदमन झा 'देहाती', श्रीमती मंजु वात्स्यायन, श्री सुरेन्द्र स्निग्ध, श्री ध्रुवनारायण सिंह 'राई', श्रीमती शांति यादव, श्रीमती उत्तिमा केशरी और श्री हरिकिशोर चतुर्वेदी।
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